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Karwa Chauth 2022 Aarti: ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया…करवा चौथ की आरती

Karwa Chauth 2022 Aarti: ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया…करवा चौथ की आरती Karwa Chauth 2022 Aarti Karwa Chauth 2022: इस दिन विवाहित महिलाएं प्रातः कल के सूर्योदय से लेकर रात्रि में चाँद भगवान के उदय होने तक व्रत//Fast रखती हैं। ये व्रत निर्जल होता है। Karwa Chauth आरती 2022: विवाहित महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत उनके लिए बहुत खास होता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। साल 2022 में ये व्रत 13-14 अक्टूबर को रखा जा रहा है। जिसमें करवा माता की ये आरती करना जरूरी माना गया है। Karwa Chauth 2022 Aarti ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। ऊँ जय करवा मइया, माता जय करवा मइया । जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया ।। ऊँ जय करवा मइया। सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी। यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी ।। ऊँ जय करवा मइया। कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती। दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती ।। ऊँ जय करवा मइया। होए सुहागिन नारी, सुख सम्पत्ति पावे। गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे।। ऊँ जय करवा मइया। करवा मइया की आरती, व्रत कर जो गावे। व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सु...

दुर्गा सप्तशती अर्गला स्तोत्रम || Durga Saptshati | Argala Stotram (with Sanskrit lyrics)

दुर्गा सप्तशती अर्गला स्तोत्रम [Durga Saptashati argala stotram] का पाठन दुर्गा कवच के पश्चात और कीलक स्तोत्र के पूर्व किया जाता है। यह दुर्गा सप्तशती अर्गला स्तोत्रम दुर्गा माँ की माहात्म्य के दौरान किया जाने वाला स्तोत्र अत्यंत मंगल और सभी प्रकार के कार्यो को सिद्ध करने के लिए अत्यंत लाभप्रद है।  ॥ दुर्गा सप्तशती अर्गला स्तोत्रम   ॥ ॥ अथार्गलास्तोत्रम् ॥ ॐ अस्य श्रीअर्गलास्तोत्रमन्त्रस्य विष्णुर्ऋषिः,अनुष्टुप् छन्दः, श्रीमहालक्ष्मीर्देवता, श्रीजगदम्बाप्रीतयेसप्तशतीपाठाङ्गत्वेन जपे विनियोगः॥ ॐ नमश्‍चण्डिकायै॥  मार्कण्डेय उवाच ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥1॥  जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतार्तिहारिणि। जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोऽस्तु ते॥2॥   मधुकैटभविद्राविविधातृवरदे नमः। रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥3॥  महिषासुरनिर्णाशि भक्तानां सुखदे नमः। रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥4॥   रक्तबीजवधे देवि चण्डमुण्डविनाशिनि। रुपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥5॥  शुम्भस्यैव निशुम्...

Durga Aarti Jai Ambe Gauri Maiya Jai Shyama Gauri: आरती अंबे जी की, जय अम्बे गौरी, मैय्या जय श्यामा गौरी

Durga Aarti Jai Ambe Gauri Maiya Jai Shyama Gauri: आरती अंबे जी की, जय अम्बे गौरी, मैय्या जय श्यामा गौरी  Durga Aarti Jai Ambe Gauri Maiya Jai Shyama Gauri: आरती अंबे जी की, जय अम्बे गौरी, मैय्या जय श्यामा गौरी नवरात्री 2022 माँ दुर्गा आरती जय आंबे गौरी मैया: दुर्गा माँ की आरती || मैया जय अंबे गौरी मैया जय श्यामा गौरी का पाठः सुबह-शाम पूरे नवरात्रि के दौरान करे.मैया जय अंबे गौरी को प्रसन्न करने के लिए इस आरती के साथ मंजीरे बजाना माता को आनंद प्रदान करता है। आरती के दौरान कपूर और घृत का उपयोग जरूर आरती में करें और साथ में एक लौंग अवश्य डाल दें। || Durga Aarti Jai Ambe Gauri Maiya || || आरती अंबे जी की || जय अंबे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निशिदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥ ओम जय अंबे गौरी मांग सिन्दूर विराजत, टीको मृगमद को। उज्जवल से दो‌उ नैना, चन्द्रवदन नीको॥ ओम जय अंबे गौरी कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै। रक्तपुष्प गल माला, कण्ठन पर साजै॥ ओम जय अंबे गौरी केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी। सुर-नर-मुनि-जन सेवत, तिनके दुखहारी॥ ओम जय अंबे गौरी कानन कुण्डल शोभित, नासाग्रे मोती। कोट...